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दौड़ते शहेर का हिस्सा हु मै |

दौड़ते शहेर का हिस्सा हु मै,

हकीक़त में उलझा किस्सा हु मै |

हादसों के इस शहेर में,

लम्हों का सिलसिला हु मै |

य़ू आते जाते लम्हों में,

भूली बिसरी यादों का हिस्सा हु मै |

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In search of answer…

मुजमे एक आवाझ है ऐसि,
सांसे बेखबर, खबर रुह (soul) को जिस्की.

भीद मे इस तन्हाइ के सबब (reason) क्या है?

बूंदो कि इस प्यास के अतित (history) क्या है?

अतुट है जब पर्छाइ (shadow) तो रात के अंदाझ क्या है?

झिंदगि है जुआ (gambling) तो हार के मलाल (regret) क्या है?